Showing posts with label Indian. Show all posts
Showing posts with label Indian. Show all posts

Wednesday, June 13, 2012

अर्जियां!!!! मौला मौला मौला मेरे मौला!!!!

.Bismillah Ur Rahman Urr Rahim!!!
बिस्मिल्लाह उर रहमान उर्र रहीम!!!!

Artists: Javed AliKailash Kher
Title: "Arziyan"
Lenght: 8:41



अर्जियां सारी मैं
चेहरे पे लिखके लाया हूँ 
तुमसे क्या मांगू  मैं ,
तुम खुद ही समझलो...
मौला मौला मौला मेरे मौला 
मौला मौला मौला मेरे मौला [4]


दरारें दरारें  हैं माथे पे मौला 
मरम्मत मुकद्दर की कर दो मौला..मेरे मौला 
तेरे दर पे झुका  हूँ , मिटा हूँ , बना हूँ , [2]
मरम्मत मुकद्दर की कर दो मौला [2]


जो भी तेरे दर आया ; झुकने जो सर आया ,
मस्तियाँ पिए सब को झूमता नज़र आया.
जो भी तेरे दर आया ; झुकने जो सर आया ,
मस्तियाँ पिए सब को झूमता नज़र आया.
प्यास लेके आया था ; दरिया वो भर लाया ,
नूर की बारिश में भीगता सा तर आया 
नूर की बारिश में...ओ ओ ओ...भीगता सा तर आया 


मौला मौला मौला मेरे मौला...[4]
दरारें दरारें  हैं....मरम्मत मुकद्दर की करदो मौला.
जो भी तेरे दर आया ; झुकने  जो सर आया ,
मस्तियाँ पिए सब को झूमता  नज़र आया.
जो भी तेरे दर आया ; झुकने जो सर आया ,
मस्तियाँ पिए सब को झूमता नज़र आया.


हो..एक खुशबू आती थी [2]
मैं भटकता जाता था...
रेशमी सी माया थी ,
और मैं तक ता जाता था.
जब तेरी गली आया ;
सच तभी नज़र आया 
जब तेरी गली आया ;
सच तभी नज़र आया 
मुझमे ही वो खुशबू थी...जिसे तूने मिल वाया.


मौला मौला मौला मेरे मौला [4]
दरारें दरारें  हैं.....


टूट के बिखरना  मुझको  ज़रूर आता है [2]
वर्ना इबादत वाला शहूर आता है 
सजदे में रहने दो, अब  कहीं -ना जाऊँगा 
अब जो तुमने ठुकराया तो संवर ना पाउँगा...


मौला मौला मौला मेरे मौला...
दरारें दरारें  हैं माथे पे मौला, मरम्मत मुकद्दर की कर दो मौला.


सर उठा के मैंने तो कितनी ख्वाहिशे की थी 
कितने ख्वाब देखे थे...कितनी कोशिशे की थी 
जब तू रोबरू आया [2], नज़रें ना मिला पाया 
सर झुका के एक पल में [2]..मैंने क्या नहीं पाया...


मौला मौला मौला मेरे मौला 


मोरा पिया घर आया [12]
मौला मौला मौला मेरे मौला.

Sunday, January 30, 2011

Aryabhata-The Indian Mathematical Genius





If the world knows so much about the Life of a "Pi", or the inventor of what we so conviniently use today as "Calendar" or the way we conviniently count the Hrs in a Day or the value and relation of Sin & Cosine and Trignometric Table and so many other mathematical fundamentals such as quadratics equations, plane theories and what not.... then lets know a little bit more about the inventor of all the mentioned above as well. Meet Shri Aryabhat (IAST: Āryabhaṭa, Sanskritआर्यभटः) (476–550 CE). He was the first in the line of great mathematician-astronomers from the classical age of Indian mathematics and Indian astronomy. His most famous works are the Āryabhaṭīya (499 CE, when he was 23 years old) and the Arya-siddhanta.

Get rich! 



(Video Courtsey: Anand Kumar)